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Monday, 16 February 2026

भारत की सैन्य ताकत जिस गति से बढ़ रही है, उसने पाकिस्तान और चीन दोनों की सैन्य रणनीतिक गणनाएँ उलट दी हैं; वे खुलेआम चिंता जताते हैं और अपनी क्षमताएँ बढ़ाकर इसका जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं।

 

भारत की सैन्य ताकत जिस गति से बढ़ रही है, उसने पाकिस्तान और चीन दोनों की सैन्यरणनीतिक गणनाएँ उलट दी हैं; वे खुलेआम चिंता जताते हैं और अपनी क्षमताएँ बढ़ाकर इसका जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं।

सैन्य आधुनिकीकरण की तस्वीर

  • भारत ने लगातार 5–6 साल से रक्षा बजट में आधुनिकीकरण (capital outlay) का हिस्सा बढ़ाकर 2026 में 2.1 लाख करोड़ रुपये से ऊपर कर दिया है, जो वायु, थल और नौसेना तीनों की नई क्षमताओं पर खर्च हो रहा है।
  • फोकससंख्यासे हटकरक्वालिटीऔर मल्टीडोमेन कैपेबिलिटी पर हैलॉन्गरेंज प्रिसिजन स्ट्राइक, नेटवर्कसेंट्रिक वॉरफेयर, एयरडिफेंस, स्पेस और साइबर जैसे क्षेत्रों में तेज प्रगति दिख रही है।

नई हथियार क्षमताएँ: पाकिस्तानचीन के लिए संदेश

  • इजरायल के साथ SPICE‑1000, Rampage, Air‑LORA और Ice Breaker जैसी लॉन्गरेंज स्टैंडऑफ मिसाइलों के 8.6–8.7 अरब डॉलर के पैकेज से IAF 300–400+ km दूर से दुश्मन के एयरबेस, SAM साइट और कमांड नोड्स को निशाना बना सकेगी।
  • फ्रांस के साथ HAMMER प्रिसिजनगाइडेड वेपन की जॉइंट मैन्युफैक्चरिंग (BEL‑Safran JV) और Rafale/Tejas पर इसकी इंटीग्रेशन ने IAF को mid‑range, हाईप्रिसिजन surgical strike क्षमता दी है, जैसा ऑपरेशन सिंदूर में दिखा।​​
  • स्वदेशी S‑400 स्तर की एयरडिफेंस, काउंटरड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स ने 2025 में पाकिस्तान के ड्रोन/मिसाइल हमलों को लगभग पूरी तरह विफल किया, जिससे दुश्मन की strike credibility पर सीधा असर पड़ा।

इन क्षमताओं का कॉम्बिनेशन पाकिस्तान के लिए conventional बैटलस्पेस को अत्यंत खतरनाक और चीन के लिए LAC/IOR दोनों थिएटर में ज्यादा जटिल बना देता है।

पाकिस्तान की चिंता और प्रतिक्रियाएँ

  • पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और रक्षा बजट भारत की तुलना में बहुत कमजोर हैं; इसके बावजूद वह J‑10C, JF‑17 Block‑III और चीन से J‑31 स्टील्थ फाइटर लेने की कोशिश कर रहा है, ताकि IAF की qualitative बढ़त का कुछ संतुलन कर सके।
  • भारतीय एयरडिफेंस और प्रिसिजनस्ट्राइक क्षमता के कारण पाकिस्तान को डर है कि उसके एयरबेस, कमांड सेंटर्स और आतंकीइन्फ्रास्ट्रक्चर पर पहली ही लहर में decisive नुकसान पहुँचाया जा सकता है, जैसा Balakot और बाद में Operation Sindoor के पैटर्न से संकेत मिलता है।

इसलिए पाकिस्तान अब और ज्यादा चीन पर निर्भर हो रहा हैमिसाइल, एयरडिफेंस, नौसेना और साइबर क्षेत्रों मेंलेकिन संसाधनसीमा के कारण यह “catch‑up” अधूरा ही रहता है।

चीन की रणनीतिक परेशानी

  • PLA की कुल ताकत अभी भी भारत से बड़े पैमाने पर आगे है, लेकिन भारत की क्वालिटेटिव जंपलॉन्गरेंज प्रिसिजन स्ट्राइक, IOR में नौसैनिक तैनाती, मल्टीलेयर एअरडिफेंस और क्वाड/इंडोपैसिफिक पार्टनरशिपचीन के लिएद्विमुखी फ्रंटकी चिंता बढ़ा रही है।
  • चीन की नई सैन्य रणनीति high‑intensity, multi‑domain conflict और long‑range precision strike पर आधारित है; भारत का जवाब भी उसी दिशा में जा रहा है, जिससे LAC पर भविष्य के टकराव केवलस्थानीयनहीं रहेंगे, बल्कि कम्युनिकेशन नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स और स्पेस‑assets तक फैल सकते हैं।

चीन को डर है कि मजबूत और सुसज्जित भारतीय सेना, अमेरिकाफ्रांसजापान जैसे देशों के साथ मिलकर हिंदप्रशांत में उसकी sea‑lines और critical chokepoints पर दबाव बना सकती है।

रणनीतिक संतुलन पर प्रभाव

  • भारत की बढ़ती ताकत से दक्षिण एशिया मेंएकतरफासैन्य लाभ धीरेधीरे भारत की ओर झुक रहा है, खासकर conventional और maritime डोमेन में; यह पाकिस्तान और चीन दोनों को अपनी योजनाओं में ज्यादा सावधान और defensive बनाता है।
  • साथ ही, विश्लेषण यह भी दिखाते हैं कि चीन की कुल सैन्यऔद्योगिक क्षमता अब भी बहुत आगे है, इसलिए भारत के लिए लक्ष्यडिटरेंसऔर “escalation control” को मजबूत करना है, कि फुलस्पेक्ट्रम parity हासिल करना।

निष्कर्षतः, भारत की तेज आधुनिकीकरण गति, लॉन्गरेंज प्रिसिजन वेपन, स्वदेशी रक्षा उद्योग और बहुपक्षीय साझेदारियाँ मिलकर ऐसा सैन्यरणनीतिक माहौल बना रही हैं कि पाकिस्तान चीन दोनों को अपने हर कदम का हिसाब कई बार लगाना पड़ रहा हैयही उनकी वास्तविकघबराहटकी वजह है।

 

भारतपाकचीन संदर्भ में निहितार्थ

·        पाकिस्तान: Air‑LORA और Rampage के आने से PAF के forward एयरबेस, missile storage, और critical C2 nodes 300–400+ km स्टैंडऑफ से vulnerable हो जाएंगे; IAF को pre‑emptive या counter‑force विकल्प ज्यादा credible मिलेंगे।

·        चीन: LAC के पीछे की logistics arteries, high‑altitude airstrips, और SAM/राडार साइट्स पर high‑precision standoff strike का विकल्प खुलेगा, भले ही PLA के A2/AD बबल काफी dense हों।

·        Deterrence: इतनी लंबी दूरी और प्रिसिजन के साथ conventionally “strategic‑effect” पैदा करने वाली capability, एस्केलेशन ladder पर higher rungs पर credible deterrent देती है, बिना तुरंत nuclear threshold छुए।

संक्षेप में, SPICE‑1000, Rampage, Air‑LORA और Ice Breaker मिलकर भारतीय वायुसेना को एक high‑end, नेटवर्कसेंट्रिक, long‑range precision strike force की दिशा में शिफ्ट करते हैं, जो भविष्य के India–Pakistan–China कॉन्फ्लिक्ट परिदृश्यों में शुरुआती 72 घंटों के एयरकैंपेन की पूरी तस्वीर बदल सकते हैं

भारतपाकचीन परिप्रेक्ष्य में निहितार्थ

·        पाकिस्तान के संदर्भ में: HAMMER जैसा स्टैंडऑफ PGM IAF को LoC/IB क्रॉस किए बिना या बहुत कम समय के लिए enemy air‑defence envelope में गए बगैर specific terrorist infrastructure और military सपोर्ट नोड्स पर repeatable, low‑signature स्ट्राइक की क्षमता देता है।

·        चीन के संदर्भ में: पर्वतीय क्षेत्रों में छोटे लेकिन critical टारगेट (कमांड पोस्ट, ammo stores, bridges, राडार साइट्स) पर high‑precision स्ट्राइक की ज़रूरत होती है; HAMMER जैसे वेपन high‑altitude एयरबेस से भी उपयोगी हैं और मौसम/terrain‑induced error कम करते हैं।

·        Deterrence: indigenous production से बड़े स्केल पर स्टॉक build‑up संभव होगा, जिससे adversary को यह संकेत जाता है कि भारत limited नहीं, sustained precision‑strike campaign भी चला सकता हैयह conventional deterrence को मजबूत करता है।

संक्षेप में, फ्रांस की हैमर मिसाइलों का भारत में निर्माण केवल एक हथियारडील नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना की दीर्घकालिक प्रिसिजनस्ट्राइक डॉक्ट्रिन, इंडिजिनस डिफेंस इंडस्ट्री और भारतफ्रांस रणनीतिक साझेदारीतीनों को qualitatively ऊँचे स्तर पर ले जाने वाला कदम है

 

 

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