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Monday, 16 February 2026

अब भारत में बनेंगी फ्रांस की हैमर मिसाइलें ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल फ्रांस की हैमर मिसाइलें भारत में बनेंगी, फ्रांस के साथ साइन होगा एमओयू. इस मुद्दों का डिटेल में विश्लेषण करिए

 


अब भारत में बनेंगी फ्रांस की हैमर मिसाइलें   ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल फ्रांस की हैमर मिसाइलें भारत में बनेंगी, फ्रांस के साथ साइन होगा एमओयू. इस मुद्दों का डिटेल में विश्लेषण करिए

भारत और फ्रांस के बीच हैमर (HAMMER) प्रिसिजनगाइडेड हथियार की भारत में जॉइंट प्रोडक्शन पर MoU जॉइंट वेंचर की दिशा साफ हो चुकी है, और इसका सीधा लिंक ऑपरेशन सिंदूर में इसके सफल इस्तेमाल से जुड़ता है। इससे भारतीय वायुसेना की इंडिजिनस प्रिसिजनस्ट्राइक क्षमता और लॉन्गटर्म सस्टेनबिलिटी दोनों मजबूत होंगी।

हैमर क्या है और ऑपरेशन सिंदूर से लिंक

  • HAMMER (Highly Agile Modular Munition Extended Range) एक एयरटूग्राउंड प्रिसिजनगाइडेड हथियार है, जिसे Safran (France) बनाती है; यह मूलतः एक modular किट है जो 250/500/1000 kg क्लास बमों को स्टैंडऑफ प्रिसिजन हथियार में बदल देती है।
  • इसकी रेंज 60–70 km के आसपास (वेरिएंट और लॉन्च कंडीशन पर निर्भर) बताई जाती है, और INS/GPS + IR/EO seeker के कारण high‑accuracy (कुछ मीटर CEP) देता है।
  • ऑपरेशन सिंदूर (2025) में पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर IAF ने SCALP क्रूज़ मिसाइल के साथ HAMMER प्रिसिजन वेपन का इस्तेमाल किया, जिससे चुनिंदा बिल्डिंगस्तर टारगेट्स को बिना collateral damage के हाईप्रिसिजन से नष्ट किया गया।

इस ऑपरेशन ने वास्तविक युद्धस्थिति में हैमर की प्रभावशीलता साबित की, और उसी के बाद इसे बड़े पैमाने पर और अब भारत में बनाने की दिशा में कदम तेज हुए।

MoU / JV की मुख्य बातें

  • भारतफ्रांस डिफेंस डायलॉग के दौरान HAMMER के लिए जॉइंट प्रोडक्शन का MoU साइन किया जा रहा है, जो व्यापक 10‑साल की डिफेंस कोऑपरेशन एग्रीमेंट के नवीनीकरण के साथ जोड़ा गया है।
  • Bharat Electronics Limited (BEL) और Safran Electronics & Defense (SED) के बीच JVCo का ढांचा तय है; 50:50 शेयरिंग वाली यह कंपनी भारत में HAMMER के प्रोडक्शन, सप्लाई और लाइफसाइकल सपोर्ट को संभालेगी।
  • MoD के अनुसार, इंडिजिनाइजेशन स्तर चरणबद्ध तरीके से लगभग 60% तक ले जाया जाएगा; इसमें key sub‑assemblies, electronics और mechanical parts का प्रोडक्शन भारत में होगा, जबकि BEL final assembly, testing और QA की लीड लेगी।

इससे सिर्फ लाइसेंस्ड असेंबली नहीं, बल्कि धीरेधीरे टेक्नोलॉजीएब्ज़ॉर्प्शन और critical sub‑systems में घरेलू विशेषज्ञता बनेगी।

प्लेटफॉर्म और ऑपरेशनल रोल

  • HAMMER पहले से IAF के Rafale पर इंटीग्रेट है और ऑपरेशन सिंदूर में इन्हीं पर उपयोग हुआ; भविष्य में 114 अतिरिक्त Rafale (MRFA) के लिए bulk requirement भी इसी JV से पूरी की जाएगी।
  • JV और Make in India सेटअप के बाद इसे LCA Tejas पर भी इंटीग्रेट करने की संभावना आधिकारिक स्तर पर इंगित की गई है, ताकि हल्के फाइटर्स भी high‑precision stand‑off स्ट्राइक कर सकें।

ऑपरेशनल रोल की दृष्टि से HAMMER IAF के लिए “mid‑range, high‑precision stand‑off” लेयर बनाता है—SCALP जैसी deep‑strike क्रूज़ मिसाइल और SPICE‑class PGMs के बीच का स्पेक्ट्रम भरता है।

सामरिक और तकनीकी प्रभाव (डिटेल विश्लेषण)

1. प्रिसिजन और एस्केलेशन कंट्रोल

  • HAMMER की high accuracy और programmable fuzing के कारण भारत सीमित, surgical और politically calibrated स्ट्राइक कर सकता हैजैसे आतंकी कैंप, कमांड हाउस, ammo dump, पुल या specific बिल्डिंग्सबिना व्यापक collateral damage के।
  • इससे conventional स्तर परपुनिटिव ऑपरेशनऔर “deterrence‑by‑punishment” अधिक विश्वसनीय बनते हैं, जबकि एस्केलेशन को कंट्रोल करने की राजनीतिक गुंजाइश बनी रहती है (Balakot/Operation Sindoor मॉडल)

2. लॉजिस्टिक सस्टेनबिलिटी गेन

  • आयातित PGMs की सबसे बड़ी दिक्कत long‑term स्पेयर, shelf‑life रिप्लेसमेंट और war‑wastage रिज़र्व तैयार रखना होता है; स्थानीय प्रोडक्शन से HAMMER के लिए यह bottleneck काफी हद तक खत्म होगा।
  • भारतनिर्मित sub‑assemblies, electronics और maintenance‑ecosystem से war‑time surge production की संभावना बनती है, जिससे prolonged conflict (विशेषकर चीन के साथ) में भी स्टॉक तेजी से रीप्लेनिश हो सकेगा।

3. टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री इकोसिस्टम

  • JV में guidance electronics, seekers, control actuators जैसे high‑end सबसिस्टम पर काम भारतीय इंडस्ट्री को future indigenous PGM प्रोग्राम (SAAW, Gaurav/Garuthma, DRDO glide weapons आदि) के लिए टेक्नोलॉजीबेस देगा।
  • Safran पहले से HAL के साथ हेलिकॉप्टर इंजन JV में जुड़ा है; HAMMER JV के बाद फ्रेंच supply‑chain और भारतीय DPSU/प्राइवेट सेक्टर के बीच एक broader ecosystem बनेगा, जो अगले 10–15 वर्ष की एयरोस्पेसइंडस्ट्री स्ट्रैटेजी के लिए महत्वपूर्ण है।

4. भारतफ्रांस रणनीतिक साझेदारी

  • Rafale, SCALP, HAMMER, MICA, Astra‑MBDA कोलैब, P‑75(I)/स्कॉर्पीन बैकग्राउंड, और अब HAMMER JV—ये सब मिलकर India‑France defence axis को “long‑term technology partner” के रूप में स्थापित कर रहे हैं, कि केवल buyer‑seller की तरह।
  • फ्रांसीसी राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान इस MoU के साथ 10‑year defence pact रिन्यूअल, दोनों देशों की इंडोपैसिफिक, IOR और हाईटेक defence cooperation को स्पष्ट रणनीतिक दिशा देता है।

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